शिमला, 17 अगस्त। राजधानी शिमला के बालूगंज थाना अंतर्गत न्यू टुटू इलाके में बिना लाइसेंसी पिस्टल व कारतूस के साथ पकड़े गए पंजाब के तीनों आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब इनके अन्य नेटवर्क, मददगारों और गैंग कनेक्शन की गहराई से जांच करेगी।
कई राज्यों में वांछित, बिश्नोई गैंग से दुश्मनी
पकड़े गए आरोपियों में गुरजीत सिंह (27) निवासी जिला मुक्तसर, प्रदीप कुमार उर्फ सुखा (24) और जगपाल सिंह (27) दोनों निवासी जिला फाजिल्का (पंजाब) शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि तीनों अपराधिक प्रवृत्ति के हैं और पंजाब, राजस्थान व मध्यप्रदेश में विभिन्न मामलों में वांछित चल रहे हैं। जानकारी अनुसार इनका सीधा संबंध सुनील यादव गैंग से है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने विदेश में सुनील यादव की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीनों ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर बिश्नोई गैंग को ललकारा था। इसके चलते बिश्नोई गैंग इनके पीछे पड़ गया और अपनी जान बचाने के लिए इन्होंने जगह-जगह शरण लेना शुरू कर दिया।
शिमला में ऐसे मिली थी पनाह
गोपनीय सूचना के आधार पर एसआईटी ने चिट्टे की तस्करी के शक में शनिवार देर रात न्यू टुटू स्थित एक निजी भवन में दबिश दी। यहां कमरे में एक पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
जांच में ये भी सामने आया है कि इन आरोपियों को शिमला में पनाह इनके दोस्त पंकज ने दिलवाई थी, जिसने स्थानीय युवक विकास से बात कर फ्लैट की व्यवस्था की थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी कई राज्यों में वांछित हैं और इनके तार बड़े गैंग से जुड़े हुए हैं। पड़ोसी राज्यों की पुलिस से संपर्क किया गया है ताकि इनके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय मददगारों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और पूछताछ में कई और खुलासे होने की उम्मीद है।