शिमला, 01 जून। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार पंत (केके पंत) को राज्य का नया कार्यकारी मुख्य सचिव नियुक्त किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। सोमवार को उन्होंने पदभार भी संभाल लिया।
केके पंत इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) एवं वित्त आयुक्त (राजस्व) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उनके पास अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन, गृह एवं सतर्कता) तथा हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष का दायित्व भी है। अब उन्होंने राज्य के सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक पद मुख्य सचिव का कार्यभार भी संभाल लिया है।
पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता के 30 मई को सेवानिवृत्त होने के बाद नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। सरकार ने वरिष्ठता को प्राथमिकता देते हुए केके पंत को यह जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि जब संजय गुप्ता को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब भी केके पंत इस पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे थे। उस समय उनसे वरिष्ठ अधिकारी होने के कारण संजय गुप्ता को यह जिम्मेदारी मिली थी। अब उनके सेवानिवृत्त होने के बाद केके पंत को प्रदेश की नौकरशाही की कमान सौंपी गई है।
उत्तराखंड मूल के केके पंत को एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी माना जाता है। वह वर्ष 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से हिमाचल प्रदेश लौटे थे। इसके बाद उन्हें सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई। उनकी वरिष्ठता, प्रशासनिक अनुभव और लंबे कार्यकाल को उनकी नियुक्ति के प्रमुख कारणों के रूप में देखा जा रहा है। केके पंत 31 दिसंबर 2030 को सेवानिवृत्त होंगे।
पदभार संभालने के बाद केके पंत ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संपर्क को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपदा की चुनौतियों का सामना कर रहा है और नुकसान को कम करने के लिए सरकार के पास विस्तृत कार्ययोजना मौजूद है। उन्होंने भरोसा जताया कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए इस दिशा में प्रभावी काम किया जाएगा।
केके पंत ने कहा कि सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत तथा जवाबदेह बनाया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा ताकि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश जिन आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनसे निपटने के लिए भी प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और सरकार के सामूहिक प्रयासों से विकास और जनहित से जुड़े लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकेगा।
केके पंत की नियुक्ति के साथ ही उन अधिकारियों की उम्मीदों को झटका लगा है जिनके नाम मुख्य सचिव पद के संभावित दावेदारों में लिए जा रहे थे। इनमें 1994 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओंकार शर्मा का नाम भी शामिल था। हालांकि सरकार ने वरिष्ठता और अपेक्षाकृत लंबे कार्यकाल को देखते हुए केके पंत को यह जिम्मेदारी सौंपी है।