शिमला, 30 अप्रैल। राजधानी शिमला में कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी विभाग को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिफ्ट करने के फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जनवादी महिला समिति और नागरिक सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वीरवार को आईजीएमसी के बाहर धरना प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि केएनएच प्रदेश का एकमात्र प्रमुख महिला अस्पताल है, जो शहर के बीचों-बीच स्थित है। यहां महिलाओं को इलाज के लिए आसानी से पहुंच मिलती है, लेकिन गायनी विभाग को आईजीएमसी शिफ्ट करने से मरीजों को शहर से दूर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से ही कई टेस्ट और दवाइयों की प्रक्रिया के लिए मरीजों को आईजीएमसी जाना पड़ता है और अब पूरा विभाग शिफ्ट होने से मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बिना जनता की राय लिए ऐसे फैसले ले रही है, जो आम लोगों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय खासकर महिलाओं के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
जनवादी महिला समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश की महिलाओं को इस मुद्दे पर एकजुट किया जाएगा और सचिवालय का घेराव किया जाएगा। साथ ही इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अस्पतालों में टेस्ट, इलाज और अन्य सेवाओं के शुल्क बढ़ाए जाने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बढ़े हुए शुल्क को भी तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।