शिमला, 10 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद शुक्रवार को मौसम खुल गया और पूरे प्रदेश में धूप खिली है। हालांकि मौसम विभाग ने एक बार फिर मौसम बदलने की चेतावनी देते हुए 11 अप्रैल के लिए कई स्थानों पर आंधी-बिजली का येलो अलर्ट जारी किया है।
विभाग के अनुसार, 12 अप्रैल को भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, हालांकि इस दिन कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 13 और 14 अप्रैल को प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं, लेकिन 15 और 16 अप्रैल को फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कई स्थानों पर बारिश और आंधी-बिजली की संभावना जताई गई है। इन दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। गुलेर में 10.6 मिलीमीटर, जोत में 10.0 मिलीमीटर, कांगड़ा में 9.6 मिलीमीटर, कटौला में 9.2 मिलीमीटर, खदराला में 6.4 मिलीमीटर, रोहड़ू में 6.0 मिलीमीटर, मंडी में 5.4 मिलीमीटर, धर्मशाला में 5.2 मिलीमीटर, चौपाल में 4.0 मिलीमीटर तथा बग्गी और सराहन में 3.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। शिल्लारू क्षेत्र में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जबकि सुंदरनगर में सुबह के समय हल्का कोहरा रहा। शिमला, सुंदरनगर, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा और भुंतर में गर्जन के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं।
बारिश और बर्फबारी के कारण अप्रैल महीने में भी कड़ाके की सर्दी का असर बना हुआ है। प्रदेश का न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चल रहा है। लाहौल-स्पीति के केलांग में शुक्रवार को तापमान माइनस 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा कल्पा में 0.2 डिग्री, कुकुमसेरी में 1.3 डिग्री, ताबो में 0.1 डिग्री, सराहन में 5.7 डिग्री, भुंतर में 6.4 डिग्री, पालमपुर में 6.5 डिग्री, डलहौजी में 6.6 डिग्री, शिमला और सोलन में 6.8 डिग्री, सुंदरनगर में 7.6 डिग्री, धर्मशाला में 7.7 डिग्री, कांगड़ा में 8.2 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 9.0 डिग्री, बिलासपुर में 10.0 डिग्री, नाहन में 10.1 डिग्री, मंडी में 10.3 डिग्री, ऊना में 10.5 डिग्री, पांवटा साहिब में 14.0 डिग्री और देहरा गोपीपुर में 15.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम में यह बदलाव देखने को मिलेगा। बार-बार बदल रहे मौसम के कारण किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है। कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल और सेब सहित फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है। अप्रैल के महीने में लगातार हो रही बेमौसमी बारिश और ठंडे मौसम ने खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और वे अब मौसम के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं।