चंडीगढ़, 14 जुलाई। हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे पर मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब एक प्राइवेट चार्टर प्लेन बंद पड़े रन वे पर लैंड कर गया। हवाई अड्डा अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन इस बारे में अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया गया।
नंद किशोर गोयनका का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया था। वे 96 वर्ष के थे और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। हिसार एयरपोर्ट पर जो चार्टर्ड प्लेन हादसे का शिकार हुआ, उसमें पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा की पत्नी सुशीला और परिवार के 6 अन्य लोग सवार थे। वह पिता नंदकिशोर गोयनका के पार्थिव शरीर को मुंबई से हिसार ला रहे थे। खुद सुभाष चंद्रा एयरपोर्ट पर मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंदकिशोर गोयनका के पार्थिव शरीर को मुंबई से हिसार लाते हुए चार्टर्ड प्लेन मंगलवार को कैट आई रिफ्लेक्टर से टकरा गया। पायलट ने हिसार एयरपोर्ट पर विमान को एयरपोर्ट के चालू रनवे के बजाय गलती से बंद पड़े पुराने रनवे पर लैंड करा दिया था।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्लेन के पंख (विंग) को चीरती हुई लाइट उसके अंदर तक घुस गई। गनीमत रही कि हादसे में पायलट समेत विमान में सवार सभी 8 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। अभी हादसे पर हिसार एयरपोर्ट अथॉरिटी या अन्य कोई प्रशासनिक पक्ष सामने नहीं आया है।
मंगलवार को पार्थिव शरीर को हिसार मोहना मंडी स्थित पैतृक आवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। बुधवार को अंतिम संस्कार अग्रोहा धाम में बने गोयनका उद्यान में होगा।